Tuesday, 17 February 2026

बाराबंकी कचहरी में आगजनी का तांडव: धर्मांतरण केस की पृष्ठभूमि में वकील के चैंबर को फूंका, सैकड़ों आक्रोशित अधिवक्ताओं का हंगामा, आरोपी के भाई पर संलिप्तता के आरोप; बार एसोसिएशन से निलंबन की मांग तेज

         


          प्राइम भारत न्यूज 

रिपोर्ट_ अवनीश गुप्ता (लक्की)

बाराबंकी। जिला न्यायालय परिसर मंगलवार दोपहर उस समय तनाव और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया, जब सैकड़ों अधिवक्ता धर्मांतरण से जुड़े एक संवेदनशील प्रकरण को लेकर अचानक आक्रोशित हो उठे। निबंधन कार्यालय के पास स्थित अधिवक्ता जफर हयात के चैंबर में आग लगा दी गई, जिससे पूरे परिसर में धुआं फैल गया और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना लगभग तीन बजे की है। अधिवक्ता श्रवण सिंह, अमित शुक्ला और आशीष राठौर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकील एकत्र हुए और सीधे संबंधित चैंबर तक पहुंच गए। देखते ही देखते चैंबर में आग लगा दी गई। आग की लपटों और धुएं से न्यायालय परिसर में दहशत का माहौल बन गया तथा कामकाज प्रभावित हुआ।

प्रदर्शनकारी वकीलों का आक्रोश मुख्य रूप से अधिवक्ता कमर हयात इदरीसी पर केंद्रित बताया जा रहा है, जो कोतवाली नगर क्षेत्र के आजादनगर निवासी हैं। उनके खिलाफ गोमतीनगर थाने में गंभीर आरोप दर्ज होने की चर्चा है—जिनमें युवतियों को नौकरी का झांसा देकर शोषण, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उन्हें वायरल या बेचने जैसे आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। आंदोलनरत अधिवक्ताओं का आरोप है कि इन कथित कृत्यों में उनके भाई जफर हयात की भी संलिप्तता हो सकती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि संबंधित अधिवक्ताओं को जिला बार एसोसिएशन से तत्काल निलंबित किया जाए, ताकि अधिवक्ता समुदाय की गरिमा और न्याय व्यवस्था की साख बनी रहे।

इस संबंध में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह वर्मा ने दूरभाष पर बताया कि वे उस समय कानपुर में एक पारिवारिक कार्यक्रम में थे और उन्हें घटना की विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई औपचारिक शिकायत या प्रस्ताव प्राप्त होता है, तो बार की कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।

आगजनी की घटना के बाद न्यायालय परिसर में देर तक तनाव बना रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई। यह घटना अधिवक्ता समुदाय के भीतर उभरते आक्रोश और न्यायिक परिसर में अनुशासन व नैतिकता से जुड़े गंभीर प्रश्नों को फिर से उजागर करती है।

Monday, 16 February 2026

जैदपुर में ‘ख्वाजा गरीब नवाज होटल’ का भव्य शुभारंभ, पूर्व चेयरमैन रियाज़ अहमद ने फीता काटकर किया उद्घाटन

 


प्राइम भारत न्यूज 

रिपोर्ट_ मो आसिफ

जैदपुर (बाराबंकी)। कस्बे के मोहल्ला मोलवी कटरा स्थित पानी टंकी चौराहे पर सोमवार सुबह लगभग 11 बजे ‘ख्वाजा गरीब नवाज होटल’ का शुभारंभ भव्य समारोह के साथ संपन्न हुआ। होटल का उद्घाटन पूर्व चेयरमैन रियाज़ अहमद ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के दौरान उपस्थित लोगों ने उनका फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया।कार्यक्रम में पूर्व सभासद इकराम जावेद, खान सहवार हुसैन, शहाबुद्दीन सिद्दीकी, कैफ़ी खान समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। उद्घाटन अवसर पर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।होटल के संचालक मो. जाबिर अंसारी ने बताया कि उनके प्रतिष्ठान पर उच्च गुणवत्ता की ताज़ी मिठाइयां ग्राहकों को उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां छेना-खोवे की बर्फी, पेड़ा, गोछिया, मेवे के लड्डू, केक सहित विभिन्न प्रकार की मिठाइयां स्वयं उनके हाथों से तैयार की जाएंगी। साथ ही शुगर फ्री मिठाइयों की भी विशेष व्यवस्था रहेगी। देशी घी से बनी शुद्ध मिठाइयां हर समय उपलब्ध रहेंगी तथा शादी-विवाह व अन्य आयोजनों के लिए ऑर्डर पर विशेष मिठाइयां तैयार की जाएंगी।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस होटल के खुलने से क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण मिठाइयों और खानपान की बेहतर सुविधा मिलेगी। उद्घाटन समारोह के साथ ही होटल ने ग्राहकों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं।

लखनऊ पब्लिक स्कूल एंड कॉलेजेस की बाराबंकी शाखा का बड़ा ऐलान: अब 12वीं तक सीबीएसई, साथ में NEET–JEE से IELTS तक विशेष तैयारी



 डॉ. एस.पी. सिंह का दावा— “गुणवत्ता, नवाचार और ग्लोबल स्टैंडर्ड के साथ बाराबंकी बनेगा शिक्षा का उभरता केंद्र*


 प्राइम भारत न्यूज 

    ऋषभ सैनी 

बाराबंकी। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए लखनऊ पब्लिक स्कूल ने कक्षा 12 तक सीबीएसई संबद्धता मिलने की घोषणा की है। सोमवार को आयोजित विशेष प्रेस वार्ता में संस्थापक चेयरमैन एवं सांसद डॉ. एस.पी. सिंह ने कहा कि अब विद्यार्थियों को इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।उन्होंने बताया कि विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग टूल्स, दक्षता-आधारित शिक्षण मॉडल और नियमित शिक्षक प्रशिक्षण के माध्यम से आधुनिक शिक्षा प्रणाली लागू की गई है। विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, खेलकूद और सह-शैक्षणिक गतिविधियों की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।महाप्रबंधक हर्षित सिंह ने जानकारी दी कि छात्रों को NEET, IIT JEE, CLAT, CAT, IPMAT और CUET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ IELTS एवं TOEFL की भी विशेष तैयारी कराई जाएगी, ताकि विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।विद्यालय में “स्टूडेंट ग्रोथ ट्रैकिंग सिस्टम” और विदेशी शिक्षाविदों के मार्गदर्शन में नवीन असेसमेंट प्रक्रिया लागू की गई है, जिससे प्रत्येक छात्र की शैक्षणिक प्रगति और व्यक्तित्व विकास पर निरंतर निगरानी रखी जा सके।सांसद डॉ. सिंह ने शिक्षा बजट पर भी स्पष्ट रुख रखते हुए कहा कि शिक्षा पर कम से कम 6 प्रतिशत व्यय किया जाना चाहिए, जबकि वर्तमान में यह लगभग 2.7 प्रतिशत के आसपास है। उन्होंने UGC की भूमिका का समर्थन करते हुए उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या ने मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि लखनऊ पब्लिक स्कूल, बाराबंकी शाखा क्षेत्र में शिक्षा का नया मानदंड स्थापित करेगा।

Sunday, 15 February 2026

बाराबंकी में भाकियू टिकैत का मानवता का महादान: 16 कार्यकर्ता बने ‘रक्त महादानी

 स्वैच्छिक रक्तदान से जीवन बचाने का संकल्प, 17 फरवरी को दादनपुर चौराहा फतेहपुर में राष्ट्रीय महापंचायत में दिखेगी किसानों की एकजुटता






प्राइम भारत न्यूज

रिपोर्ट_ ऋषभ सैनी 

बाराबंकी। भारतीय किसान यूनियन टिकैत की बाराबंकी इकाई ने सामाजिक सरोकार का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए जिला अस्पताल में आयोजित मासिक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 16 सक्रिय कार्यकर्ताओं द्वारा रक्तदान कराया। रक्तदाताओं को संगठन की ओर से ‘रक्त महादानी’ के रूप में सम्मानित किया गया।प्रत्येक माह की 15 तारीख को आयोजित होने वाले इस शिविर में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उत्साह के साथ शामिल हुए। 16 कार्यकर्ताओं ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदान का माध्यम बनते हुए समाज में रक्तदान को जन-आंदोलन का रूप देने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में प्रदेश सचिव उत्तम सिंह ने कहा,“स्वैच्छिक रक्तदान जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। इसे जन-आंदोलन बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।”मध्यांचल सचिव मोहम्मद इस्माइल ने किसानों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा,

“17 फरवरी को दादनपुर चौराहा, फतेहपुर में प्रस्तावित राष्ट्रीय महापंचायत किसानों की आवाज को पूरे प्रदेश में मजबूती देगी।”

जिला अध्यक्ष हौसला प्रसाद ने अपील की,“हर स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए।”मध्यांचल उपाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा,

“रक्तदान समाज के प्रति हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, क्योंकि इससे किसी को नई जिंदगी मिल सकती है।”मंडल महासचिव अनिल वर्मा ने कहा,“रक्तदान न केवल जीवन बचाता है, बल्कि समाज में सहयोग और भाईचारे की भावना को भी सशक्त करता है।”युवा जिला उपाध्यक्ष अमित सोनी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा,“सुरक्षित रक्तदान पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया है। युवाओं और किसान-मजदूरों को भ्रम दूर कर आगे आना चाहिए। राष्ट्रीय महापंचायत युवाओं के लिए जुड़ने और सीखने का बड़ा अवसर होगी।”सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा—“रक्तदान महादान है, इससे बड़ा कोई दान नहीं।”

रक्तदाताओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जिला मीडिया प्रभारी राजेश वर्मा, तहसील अध्यक्ष नवाबगंज शिवनारायण वर्मा, बंकी ब्लॉक अध्यक्ष रामानंद वर्मा, हरख ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद वर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।रक्तदान कार्यक्रम के बाद देवा नगर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। देवा नगर अध्यक्ष मोहम्मद शकील, देवा ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मद अरशद अली और मध्यांचल प्रवक्ता बलराम यादव के नेतृत्व में 17 फरवरी को दादनपुर चौराहा में प्रस्तावित राष्ट्रीय महापंचायत की तैयारियों की समीक्षा की गई।बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय प्रवक्ता के संबोधन को सुनने के लिए संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। बंकी, देवा और मसौली ब्लॉक से कम से कम 500 लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया गया। जनसंपर्क अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए गए।अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने किसान हितों की रक्षा, संगठन की मजबूती और एकजुटता के साथ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

भाकियू टिकैत इकाई ने रक्तदान और किसान एकता के इस दोहरे संदेश के माध्यम से यह साबित कर दिया कि संगठन न केवल किसान हितों के लिए संघर्षरत है, बल्कि समाज सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

Wednesday, 4 February 2026

किताबों की जगह झाड़ू थामे मासूम! हरख के स्कूल में बाल अधिकारों का कत्ल, भ्रष्ट तंत्र में जिंदा हिटलर : निहाल अहमद सिद्दीकी का शिक्षा विभाग पर तीखा प्रहार, जांच रिपोर्ट पर उठे गंभीर सवाल, सच दबाने की कोशिश या सुविधा शुल्क का खेल?

 


प्राइम भारत न्यूज 

रिपोर्ट_ मोहम्मद अहमद

बाराबंकी। जनपद के हरख ब्लॉक स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से सफाई कराए जाने का वायरल वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में नौनिहाल बच्चे हाथों में किताब नहीं, बल्कि झाड़ू-पोंछा लिए दिखाई दे रहे हैं, जो बाल अधिकार कानूनों और शिक्षा के मूल उद्देश्य की खुली अवहेलना है। इस मामले को लेकर भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दशहरी) संगठन ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन जांच अधिकारी की रिपोर्ट को संगठन ने “झूठ का पुलिंदा” करार दिया है। रिपोर्ट में यह तर्क दिया गया कि ग्राम पंचायत में आठ माह से सफाई कर्मी की तैनाती नहीं है और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की अनुमति से बच्चों से सफाई कराई गई। यूनियन का कहना है कि यह तर्क न केवल अमानवीय है, बल्कि बच्चों के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला भी है।


(इनसेट)


*“बच्चों का भविष्य किताबों से बनता है, झाड़ू से नहीं” : निहाल अहमद सिद्दीकी*


बाराबंकी। संगठन के प्रदेश सचिव/जिला अध्यक्ष निहाल अहमद सिद्दीकी ने शिक्षा विभाग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा “यह शिक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि एक विकलांग और असंवेदनशील तंत्र है, जहां भ्रष्ट अफसरों में आज भी हिटलर जिंदा है। बच्चों से सफाई कराना शिक्षा नहीं, अपराध है।” उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं और बाल सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। रिपोर्ट में किसान यूनियन से सफाई में सहयोग मांगने की बात लिखना विभागीय विफलता और गैर-जिम्मेदारी का सबसे बड़ा प्रमाण है।


(इनसेट)


*न्यायालय की चेतावनी*


बाराबंकी। मामले में मौजूद एडवोकेट राहुल मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा, यह बच्चों के मौलिक अधिकारों का सीधा हनन है। यदि जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।”


(इनसेट)


*शिकायत के बाद दबाव बनाने का आरोप*


बाराबंकी। यूनियन द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपे जाने के कुछ ही देर बाद, जिस जांच अधिकारी के खिलाफ शिकायत की गई थी, उसी का फोन शिकायतकर्ता को आना और मौके पर बुलाने का दबाव बनाना पूरे प्रकरण को संदेह के घेरे में खड़ा करता है।

शिकायतकर्ता पर “सही आख्या” देने का दबाव बनाना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं सुविधा शुल्क का खेल चल रहा है। जिस अधिकारी पर सवाल उठे हों, उसी को दोबारा जांच सौंपना उच्चाधिकारियों की भूमिका पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है।


(इनसेट)


*एफआईआर की मांग*


बाराबंकी। भारतीय किसान मजदूर यूनियन ने प्रधानाचार्य और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि यह मामला भी फाइलों में दबा दिया गया, तो यह बच्चों के भविष्य के साथ सबसे बड़ा धोखा होगा।

अब सवाल यह है। क्या शिक्षा विभाग अपनी गलती स्वीकार कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा? या फिर यह मामला भी कागजों में दफन कर दिया जाएगा? इस अवसर पर सीनियर एडवोकेट मुकेश चंद वर्मा, सुशील कुमार, दिलशाद हुसैन, मयंक रावत एडवोकेट, अलीम, नियाज अंसारी, मुकेश कुमार, अजय वर्मा, जियाउद्दीन, शुभम ठाकरे, वैस सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

तेज़ तर्रार पुलिसिंग की मिसाल: प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी की सूझबूझ से नहर में कूदी युवती की बची जान

 

 

प्राइम भारत न्यूज/मोहम्मद अहमद

देवा, बाराबंकी। थाना देवा क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सजग नेतृत्व हो तो असंभव भी संभव हो जाता है। दिनांक 03 फरवरी 2026 की रात्रि को सूचना मिली कि थाना देवा क्षेत्रान्तर्गत एक 22 वर्षीय युवती नहर में कूद गई है। सूचना मिलते ही देवा पुलिस हरकत में आ गई और बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंचकर साहसिक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए युवती को नहर से सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल सीएचसी देवा पहुंचाया। जहां चिकित्सकीय उपचार के उपरांत युवती की हालत सामान्य होने पर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस सराहनीय और मानवीय कार्य में प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी, महिला आरक्षी शीतल सिंह, महिला आरक्षी नीता तोमर तथा कांस्टेबल जयंत सिंह की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। घटना के बाद युवती के परिजनों ने पुलिस टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो अनहोनी हो सकती थी। परिजनों ने प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी की तेज़ तर्रार, संवेदनशील और जनहितैषी कार्यशैली को सलाम किया।प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी की प्रभावी कमान में देवा पुलिस न केवल अपराध नियंत्रण में बल्कि मानवीय कर्तव्यों के निर्वहन में भी लगातार मिसाल कायम कर रही है। यह घटना देवा पुलिस की तत्परता, साहस और सेवा भाव का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने एक परिवार की खुशियां लौटाईं और पुलिस-जनविश्वास को और मजबूत किया। देवा पुलिस: सुरक्षा भी, संवेदना भी?

Wednesday, 14 January 2026

बाराबंकी:हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित बारा टोल प्लाजा पर गुंडागर्दी, प्रयागराज हाईकोर्ट के अधिवक्ता से मारपीट; वीडियो वायरल



टोल कर्मचारियों पर हमले और सोने की अंगूठी छीनने का आरोप, 5 नामजद सहित 7 पर मुकदमा दर्ज


प्राइम भारत न्यूज 

रिपोर्ट_ उस्मान चौधरी 

बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित बारा टोल प्लाजा पर बुधवार को प्रयागराज हाईकोर्ट के अधिवक्ता रत्नेश कुमार शुक्ला के साथ टोल कर्मचारियों द्वारा कथित मारपीट का मामला सामने आया है। अधिवक्ता लखनऊ जा रहे थे, इसी दौरान फास्टैग को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कई टोल कर्मियों ने मिलकर अधिवक्ता को पीटा और उनकी सोने की अंगूठी छीन ली।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश फैल गया। हैदरगढ़ तहसील के अधिवक्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर 5 नामजद और 2 अज्ञात टोल कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




बाराबंकी कचहरी में आगजनी का तांडव: धर्मांतरण केस की पृष्ठभूमि में वकील के चैंबर को फूंका, सैकड़ों आक्रोशित अधिवक्ताओं का हंगामा, आरोपी के भाई पर संलिप्तता के आरोप; बार एसोसिएशन से निलंबन की मांग तेज

                     प्राइम भारत न्यूज  रिपोर्ट_ अवनीश गुप्ता (लक्की) बाराबंकी। जिला न्यायालय परिसर मंगलवार दोपहर उस समय तनाव और अफरा-तफरी क...