प्राइम भारत न्यूज/मोहम्मद अहमद
देवा, बाराबंकी। थाना देवा क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सजग नेतृत्व हो तो असंभव भी संभव हो जाता है। दिनांक 03 फरवरी 2026 की रात्रि को सूचना मिली कि थाना देवा क्षेत्रान्तर्गत एक 22 वर्षीय युवती नहर में कूद गई है। सूचना मिलते ही देवा पुलिस हरकत में आ गई और बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंचकर साहसिक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए युवती को नहर से सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल सीएचसी देवा पहुंचाया। जहां चिकित्सकीय उपचार के उपरांत युवती की हालत सामान्य होने पर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस सराहनीय और मानवीय कार्य में प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी, महिला आरक्षी शीतल सिंह, महिला आरक्षी नीता तोमर तथा कांस्टेबल जयंत सिंह की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। घटना के बाद युवती के परिजनों ने पुलिस टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो अनहोनी हो सकती थी। परिजनों ने प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी की तेज़ तर्रार, संवेदनशील और जनहितैषी कार्यशैली को सलाम किया।प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी की प्रभावी कमान में देवा पुलिस न केवल अपराध नियंत्रण में बल्कि मानवीय कर्तव्यों के निर्वहन में भी लगातार मिसाल कायम कर रही है। यह घटना देवा पुलिस की तत्परता, साहस और सेवा भाव का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने एक परिवार की खुशियां लौटाईं और पुलिस-जनविश्वास को और मजबूत किया। देवा पुलिस: सुरक्षा भी, संवेदना भी?

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