Monday, 5 May 2025

वक्फ संशोधन कानून मुस्लिम समाज के लिए मील का पत्थर: गोविंद नारायण शुक्ला


 

    प्राइम भारत न्यूज 

  न्यूज डेस्क _ ऋषभ सैनी 


इरम डिग्री कॉलेज, मैलारायगंज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बोले भाजपा प्रदेश महामंत्री

बाराबंकी। भाजपा के प्रदेश महामंत्री और एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून मुस्लिम समाज के लिए एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम है। यह कानून वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी प्रबंधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह कानून वक्त की जरूरत है और इससे आम मुसलमान, गरीब, पसमांदा, मुस्लिम महिलाएं और विधवा महिलाएं सभी को लाभ मिलेगा। सोमवार को मैलारायगंज स्थित इरम डिग्री कॉलेज में आयोजित वक्फ संशोधन कानून जनजागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए शुक्ला ने कहा कि वर्षों से वक्फ संपत्तियों का कुछ लोगों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा था, जिससे जरूरतमंद मुस्लिम समाज वंचित रह रहा था। नए कानून से अब वक्फ की जमीनों का उपयोग स्कूल, अस्पताल, अनाथालय जैसे जनहित के कार्यों में किया जा सकेगा, जिससे समाज के कमजोर तबकों को सीधा लाभ मिलेगा। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहम्मद नईम ने कहा कि मुस्लिम समाज को प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसी भी फैसले में वोट नहीं, बल्कि देश और समाज का हित देखती है। उन्होंने बताया कि मुस्लिम समाज की आबादी लगभग 15 प्रतिशत है, लेकिन उन्हें मुफ्त राशन योजना में 33 प्रतिशत, उज्जवला योजना में 37 प्रतिशत और आयुष्मान योजना में 40 प्रतिशत लाभ मिला है। नईम ने मुस्लिम समाज से भाजपा की नीतियों पर भरोसा करने और विपक्ष के बहकावे में न आने की अपील की।कार्यक्रम में पूर्व सांसद उपेंद्र सिंह रावत, पूर्व विधायक शरद अवस्थी, संदीप गुप्ता, विजय आनंद बाजपेयी, आमिर अली, जैनुलआब्दीन, पवन सिंह रिंकू, गुरुशरण लोधी, संतोष पांडेय, बलवंत प्रजापति और अमित पांडेय सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष अरविंद मौर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और डीडीसी मोहम्मद शहंशाह ने आभार जताया।




एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने थाना सफदरगंज का किया आकस्मिक निरीक्षण


 

  प्राइम भारत न्यूज 

न्यूज डेस्क _ ऋषभ सैनी 


मसौली, बाराबंकी। रविवार की देर पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने थाना सफदरगंज का आकस्मिक निरीक्षण किया तथा  थाना कार्यालय, कंप्यूटर-कक्ष, मेस, बैरिक, आगन्तुक कक्ष, शौचालयों आदि का निरीक्षण कर मेस,बैरक व थाना परिसर की साफ-सफाई हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने थाना कार्यालयों में रखे अभिलेखों को चेक कर अभिलेखों का सही ढंग से रखरखाव एवं लम्बित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया तथा थाने पर गठित महिला हेल्प डेस्क को आगन्तुक/ शिकायत रजिस्टर पर प्राथमिकता के आधार पर फरियादियों की शिकायत सुनकर/प्रविष्टि कर प्रकरणों में विशेष रूचि लेकर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया । पुलिस अधीक्षक ने सी सी टी एन एस पोर्टल, सीएम हेल्प लाइन व ऑनलाइन जन सेवाओं में सभी ऑनलाइन प्रविष्टियां का बारीकी से निरीक्षण करते हुए लम्बित शिकायती प्रार्थना पत्रों को निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारण करने हेतु प्रभारी निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह  को निर्देशित किया गया एवं अपराधियों पर सतत निगरानी हेतु पुलिस कर्मियों की बीट बुक का अवलोकन कर एचएस, टाप-10 व विगत 03 वर्षों में जेल से छूटे अपराधियों आदि का चौकी/हल्कावार लिस्ट बनाकर निगरानी रखने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया । पुलिस अधीक्षक द्वारा शस्त्रों के नियमित रूप से साफ-सफाई करने हेतु निर्देशित करते हुए थाना क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिसकर्मियों को सजग रहकर क्षेत्र में सतर्क दृष्टि बनाये रखने तथा किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल मौके पर पहुंच कर निष्पक्ष रूप से विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु कहा तथा सभी कर्मचारियों को आमजन मानस के साथ अच्छा व्यवहार रखने व कार्मिकों को उच्चकोटि का अनुशासन बनाये रखने हेतु निर्देश दिये
निरीक्षण के फ़ौरन प्रभारी निरीक्षक  अरूण प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक लक्ष्मी कांत, मो0 अजहर खान, मो0 अय्यूब सहित समस्त पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

Sunday, 4 May 2025

पीटपीटकर फार्मासिस्ट चिकित्सक की निर्मम हत्या, नर्स सहित नौ लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत नर्स से क्लीनिक में मिलने से मना करना चिकित्सक को पड़ा महंगा चचेरे भाईयों पर भी मृतक के पिता ने जताया हत्या में शामिल होने की आशंका


 

  प्राइम भारत न्यूज 

न्यूज डेस्क _ ऋषभ सैनी 



मसौली, बाराबंकी। जर-जोरू-जमीन मतलब झगड़े की जड़ और यह तमाम कठोर कानून व व्यवस्थाओं के बाद भी नहीं बदल पाया। सामने आए मामले में जारी चर्चाओं की माने तों क्लीनिक पर काम कर रहीं नर्स से निरंतर मिलने आने वाले दो-तीन युवकों को रोकना इतना महंगा पड़ जाएगा यह चिकित्सक ने स्वप्न में भी नहीं सोचा था। एतराज करने पर नर्स ने तो अपना अलग क्लीनिक जारी रामराज्य व स्वास्थ्य विभाग के चलते खोल लिया पर शनिवार रात्रि चिकित्सक की अज्ञात हमलावरों ने निर्ममता से पीटपीटकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची मुकामी पुलिस चिकित्सक को लेकर सीएचसी पहुंची तो जांच में चिकित्सकों ने उसे मृत्य तस्दीक किया।  सूचना पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, अपर पुलिस अधीक्षक विकास श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी गरिमा पंथ ने घटनास्थल का जायजा लिया तथा मसौली पुलिस ने करीब एक दर्जन से अधिक लोगो को थाने लाकर पूछताछ कर रही है।
 प्राप्त जानकारी अनुसार मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम डडियामऊ निवासी 23 वर्षीय सत्येंद्र कुमार उर्फ़ ओमप्रकाश पुत्र गंगा प्रसाद विश्वकर्मा फार्मेसिस्ट का कोर्स करने के बाद बीते एक वर्ष से ग्राम मलौली मे विश्वकर्मा मेडिकल स्टोर एव फार्मा क्लिनिक का 24 घंटे संचालित अस्पताल चला रहा था। जानकारी अनुसार बीती मध्य रात्रि करीब साढ़े 11 बजे कुछ अज्ञात हमलावारो ने शटर को खुलवाते ही डाक्टर सत्येंद्र कुमार पर लाठी डंडो से हमला बोल दिया। जानकर बचाकर भागे डाक्टर को दौड़ा दौड़ा कर हमलावारो ने पीटपीटकर मरणासन्न कर दिया। इस दौरान डाक्टर को बचाने की कोशिश करने वाले दिव्यांग विवेक नाग उर्फ़ बेल को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा व कई लाठियां मार जखमीं कर दिया। विवेक के चिल्लाने पर जब तक ग्रामीण दौड़ कर मौके पर पहुंचे तब तक हमलावर फरार हो गये। सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह एव उनकी टीम आनन फानन में जब मरणासन्न सत्येंद्र को जिला अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्स्कों ने उसे मृत पाया। 
 जानकारी गांव पहुंचने पर वहां कोहराम मच गया। मृमृतक सत्येंद्र कुमार तीन सगे भाई शैलेन्द्र व देवेश कुमार थे जिसमे मृतक सबसे बड़ा होने के कारण घर की सारी जिम्मेदारी मृतक के कंधो पर थी तथा तीन बहनो मे दो बहनो की शादी हो चुकी थी तथा छोटी बहन संगीता की शादी की जिम्मेदारी थी घर की वड़ी संतान की हुई हत्या से पूरे घर मे कोहराम मचा हुआ है और लोगो का रो रो कर बुरा हाल है। 
 फार्मासिस्ट चिकित्सक सत्येंद्र कुमार के पिता गंगाप्रसाद ने तहरीर मे अपने चचेरे भाइयो लाल बहादुर,  नंद किशोर, संतलाल, राजेंद्र प्रसाद पुत्रगण राम आसरे व लालबहादुर के पुत्र  अर्पित उर्फ़ कल्लू, विनय व प्रदम पुत्रगण संतलाल सहित कुछ दिन पूर्व मृतक की क्लिनिक पर काम करने वाली कथा कथित नर्स नायरा पुत्री अयोध्या प्रसाद निवासी ग्राम इल्मासगंज के साथ आकाश यादव व विवेक यादव पुत्रगण रामविलास निवासी चपरी मजरे भयारा द्वारा हत्या किये जाने की आशंका जाहिर करते हुए नामजद तहरीर पुलिस को दी है।
प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया शक के आधार पर कुछ लोगो थाने पर् लाकर पूछताछ की जा रही है तथा क्लिनिक पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जाँच की जा रही है जल्द से जल्द हत्या का खुलासा किया जायेगा।
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नर्स के मिलने वालों को क्लीनिक पर मिलने से रोकना भी हो सकती है वजह
मसौली। ग्रामीण इलाका होने के कारण मलौली गांव मे फार्मेसिस्ट से डॉक्टर बने सत्येंद्र कुमार का अस्पताल बढ़िया चल रहा था अस्पताल मे प्रसव कराने की भी सुविधा होने के कारण विगत कुछ दिन पूर्व जहागीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम इल्मासगंज निवासी अयोध्या प्रसाद की पुत्री नायरा बतौर नर्स के रूप मे काम करने लगी और करीब 15 दिन काम करने के बाद नायरा ने डाक्टर सत्येंद्र की क्लिनिक छोड़ अपना अस्पताल मलौली मे खोल लिया। बताया जा रहा है कि नायरा से मिलने के लिए अक्सर आकाश व विवेक यादव आया करते थे जो डाक्टर सत्येंद्र को पसंद नही था इसी कारण नायरा ने नौकरी छोड़ अपना क्लिनिक चलाने लगी। जिसके तुरंत बाद जानलेवा हमला होना हत्या की वजह होने की आशंका बढ़ा रहा है। 
वैसे मृतक के पिता गंगाप्रसाद एव उनके चेचेरे भाई लाल बहादुर,  नंद किशोर, संतलाल, राजेंद्र प्रसाद पुत्रगण रामआसरे के बींच काफी समय से जमीनी विवाद चल रहा है जिसको लेकर आये दिन विवाद होता रहता था तथा आये दिन जान से मारने की धमकी दिया करते थे करीब दो माह पूर्व मृतक के पिता गंगाप्रसाद द्वारा लगवाये गये करीब ढाई लाख के यू कल्पटिस के पेड़ो को विपक्षियों ने कटवाकर बेच लिया था मना करने पर लालबहादुर के पुत्र अर्पित ने मृतक को रोककर जान से मारने की धमकी दी थी।

Saturday, 3 May 2025

स्व. रघुनाथ यादव की पुण्यतिथि पर पूर्व मंत्री अरविंद गोप ने दी श्रद्धांजलि, बोले - पार्टी के लिए समर्पित थे


 

    प्राइम भारत न्यूज 

न्यूज डेस्क _ मोहम्मद अहमद 


हैदरगढ़, बाराबंकी। 3 मई, विधानसभा हैदरगढ़ के ग्राम राभी मजरे रामनगर में समाजवादी पार्टी के संघर्षशील एवं कर्मठ सिपाही स्वर्गीय रघुनाथ यादव की पुण्यतिथि पर शनिवार को एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप ने स्व. रघुनाथ यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पूर्व मंत्री अरविंद गोप ने इस दौरान कहा, "रघुनाथ यादव जी पार्टी के अत्यंत समर्पित और जुझारू कार्यकर्ता थे। जब हम 2003 में विधानसभा चुनाव लड़ने आए थे, तब रघुनाथ जी ने चुनाव में पूरी ताकत लगा दी थी। वे आदरणीय अखिलेश यादव के सच्चे अनुयायी थे और पार्टी के लिए समर्पण की मिसाल थे।"श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कई गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें पूर्व विधायक राम गोपाल रावत, हरिराम यादव, राजू सिंह, हशमत अली गुड्डू, अय्यूब कुरैशी, ग्राम प्रधान महेन्द्र शाह, धीरज यादव, जगजीवन यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

सरकारी ज़मीन पर संचालित मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई, संचालन पर लगी रोक


 

   प्राइम भारत न्यूज 

न्यूज डेस्क _ ऋषभ सैनी 


जिलाधिकारी के निर्देश पर औचक निरीक्षण के बाद हुई सख़्त कार्यवाही


बाराबंकी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिकैतनगर के आस-पास सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर संचालित किए जा रहे मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाया है। औषधि निरीक्षक सीमा सिंह ने जानकारी दी कि जिलाधिकारी द्वारा 23 अप्रैल को सीएचसी टिकैतनगर का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई मेडिकल स्टोर्स द्वारा सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण कर व्यवसाय किया जा रहा है। इस मामले की जांच के निर्देशों के अनुपालन में आज 3 मई को बबलू मेडिकल स्टोर, बंटी मेडिकल स्टोर, हिमांशु मेडिकल स्टोर और मोनिस मेडिकल स्टोर की मौके पर जांच की गई। जांच के दौरान पाई गई अनियमितताओं के दृष्टिगत उप जिलाधिकारी सिरौली गौसपुर के आदेश पर इन मेडिकल स्टोर्स के संचालन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। साथ ही, मेडिकल स्टोर्स को नोटिस भी जारी किया गया है।प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब तक राजस्व अभिलेखागार कार्यालय से उक्त भूमि के स्वामित्व की आधिकारिक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती, तब तक स्टोर्स का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। इस क्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिकैतनगर के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को सभी आवश्यक सरकारी औषधियाँ नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में सभी दवाइयाँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।




बाराबंकी जिला अस्पताल में ट्रांसफार्मर में लगी आग, कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

 

   प्राइम भारत न्यूज 

न्यूज डेस्क _ उस्मान चौधरी


बाराबंकी: शनिवार को जिला अस्पताल के आउटडोर विभाग (ओपीडी) के पीछे स्थित ट्रांसफारmer में अचानक आग भड़क उठी। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को इसका कारण माना जा रहा है। आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

घटना के वक्त ओपीडी में डॉक्टर, मरीज और उनके परिजन मौजूद थे, जो स्थिति को भांपते ही सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत फायर फाइटिंग यंत्रों की मदद से आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी और दमकल विभाग को सूचना दी गई।करीब 20 मिनट के भीतर दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली कि इस दौरान कोई जान-माल की क्षति नहीं हुई।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वी.पी. सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि समय पर कार्रवाई और कर्मचारियों की तत्परता से स्थिति को जल्द काबू में ले लिया गया। फिलहाल अस्पताल की सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं और किसी भी तरह की रुकावट नहीं है।

Friday, 2 May 2025

लोकतंत्र को लेकर बाते बड़ी-बड़ी, लेकिन चतुर्थ स्तंभ तक का सम्मान भारी भ्रष्टाचार में हासिए पर -जनता के प्रति जवाबदेही का हो रहा है मात्र दिखावा


 


   प्राइम भारत न्यूज 

 न्यूज डेस्क_ ऋषभ सैनी 


भरे चौराहों पर कलमकार को कर रहे वर्दीधारी बेइज्जत, अधिकारी कह रहे दिक्कत क्या? 

बाराबंकी। जज के यहां नोट बरामद हो जाए फिर भी उनसे रायशुमारी कर कार्रवाई रद्दी की टोकरे में डालने वाली वर्दी, जनप्रतिनिधि बनाम सरकार के लिए तलुए चाटने से भी गुरेज ना करने वाली खाकी जब लोकतंत्र के अहम जनता से जुड़े चतुर्थ स्तंभ का मामला आता है तो अंदाज ऐसा बदल जाता है कि मानो किसी माफियाडान पकड़ में आ गया हो। वो भी उस सतातनी परंपराओं का पालन करने का दावा ठोकने वाली सरकार के राज्य में हो रहा है, जिस सनातन सभ्यता में चतुर्थ स्तंभ के जनक ईश ब्रह्म ऋषि नारद के सम्मान में राजा-महाराजा-देवता के साथ साथ राक्षस तक खड़े होकर प्रणाम करते थे, तो लोग कुछ तो कहेंगे ही। 

जनपद में सच लिखने वाले पत्रकारों के उत्पीड़न की सूची लंबी है। बताने को समाचार प्लस से लेकर आजतक के स्टार रिपोर्टर रहे जनपद के बड़े पत्रकार जिसको फर्जी केस में फंसाकर मामूली धाराओं में थर्ड डिग्री तक दे डाला, तो दूसरे मामलों में भी सुनवाई के अधिकार का हनन करते हुए यही प्रशासन जेल भेजने से नहीं चूका, तो मिट्टी खनन, प्रतिबंधित प्ड़ कटान के साथ साथ तत्कालीन मसौली बीडीओ तक की मनरेगा में जारी फर्जीवाड़ा में पेल खोलने वाले पत्रकार पर तो बेशर्मी से प्रधानों व ब्लॉक प्रमुख की मिलीभगत में झूठा आडम्बर रच हरिजन एक्ट लगाने से नहीं चूके जिम्मेदार, इसी तरह हैदरगढ़ में पासपोर्ट को लेकर चेकिंग के नाम पर वसूली व खनन मामलों में तो तत्कालीन सीओ तक ने पत्रकार को कुछ नहीं मिला तो बरात से लौटते हुए गाड़ा लगाकर लोनीकटरा से पकड़ा और वहां की पुलिस का गलत काम से इंकार करने पर रात्रि कोठी थाने में बंद करवाया, जिसमें तत्कालीन डीआईजी फैजाबाद, डीजीपी से पत्रकार संगठनों द्वारा बात करने पर छोड़ा गया तो रिटायर होने के बाद तक सीओ समझौते के लिए परेशान रहे, मामला प्रेस कौन्सिल आफ इंडिया तक गया था। यहीं नही मामले में दैनिक समाचार पत्र की खबर पर तत्कालीन डीएम उदय भान त्रिपाठी के संज्ञान ले शासन को खबर प्रेषित करने पर जनपद का एलआईयू वरिष्ठ से लेकर आधा दर्जन लोगों का स्थानांतरण तक हुआ। 

इसी तरह रामनगर के ग्रामीण पत्रकार का एक हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ सच लिखने पर मिलीभगत में लगातार उत्पीड़न जारी रहा, यहां तक की उसकी बच्ची के जन्मदिन के दिन कहीं और झगड़े में गई पुलिस वालों ने घर में घुसकर उत्पता मचाया तो मामला हाईलाइट होने पर तत्कालीन सीओ तक इमानदारी से जांच नहीं कर पाए और आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया गया। जबकि आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ घर में घुसकर महिलाओं बुजुर्गों के साथ मारपीट व गृहस्थी का समान तोड़ने फोड़ने की शिकायत थी और किसी दूसरे जनपद या अन्य एजेन्सी से जांच की मांग की गई थी। यहीं नहीं उसी हिस्ट्रीशीटर के ग्रामीण पत्रकार की कोटे की दुकान में घुसकर मारपीट की शिकायत करने गए पत्रकार को सांठगांठ वाले दारोगा ने जब बजाए शिकायत पर कार्रवाई करने के अभद्रता शुरू कर दी, जिसकी शिकायत एसपी, आईजी के बाद डीजीपी से पत्रकार संगठन द्वारा करने पर मामला दर्ज कर पत्रकार को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा, लेकिन रात को ही उसी हिस्ट्रीशीटर परिवार की एक महिला को समझा बुझा कर उसकीवतरफ से छेड़खानी व लूट का मामला दर्ज कर एक मृतक को कट्टा लेकर दौड़ाने तक का जिक्र कर दिया। मामला हाईलाइट होने पर भी बेशर्मी इस हद तक दिखी कि मामले में तमाम गवाहों जो दुकान में मौजूद रहे के शपथ पत्र देकर एसपी से शिकायत बावजूद गढ़ी कहानी को ही उन्हीं दारोगा महाशय ने रिपोर्ट लगा कोर्ट भेज दिया, जबकि ना मौका मुआयना हुआ और ना ही तमाम मौके पर मौजूद गवाहों व सर्विलांस की ही मदद ली गई, क्योंकि मामला पत्रकार को फंसाने का जो था।  

यही नही एक प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र के हैडआफिस पत्रकार द्वारा भूमि क्रय को लेकर आन लाईन थाना लोनीकटरा क्षेत्र के आरोपी द्वारा 50 हजार रुपए लेकर धोखाधड़ी कर ना जमीन देने और ना पैसा वापस करने की शिकायत पर सूत्रों अनुसार लोकल खाकी द्वारा आरोपी से कुछ तरावट मिल जाने के बाद वहां के इंचार्ज ने सिविल कोर्ट जाने को कह दिया जबकि मामा धोखाधड़ी का है व आनलाईन रुपये दिए गए हैं। यहां बता दें कि एक अधिवक्ता की इसी तरह की एप्लिकेशन पर तत्कालीन शहर कोतवाल ने गरीब द्वारा यह बताने पर भी कि इनको नगद रुपये दिए गए हैं, जोर जबरदस्ती कर रुपये दिलवाए गए। मतलब साफ है कि पहले खबरों का संज्ञान ले वरिष्ठ अधिकारी कार्रवाई करते थे तो देव कार्य में सम्मान था और अब चर्चाओं की मानें तो खबरों पर संज्ञान ले अपना हिस्सा पुख्ता करने का प्रयास होता है कार्रवाई का नहीं। जिससे पत्रकार तो छोड़िए जनप्रतिनिधियों तक का सम्मान हासिए पर है। 

इनसेट


तैनाती कहीं और रौला कहीं में पत्रकार को ही कर दिया बेइज्जत

कैसे हो न्याय जब रक्षक ही हो रहे दबंग रंगबाज भक्षक

बाराबंकी। अधिकारों के दुरुपयोग में लोकतंत्र हासिए पर है। तैनाती कहीं ड्यूटी कहीं और में मीडिया का तो डर ही रहा कि मामला सार्वजनिक हो गया तो जवाबदेही होगी, क्योंकि गाना भी है कि पैसा बोलता है। 

ताज़ा मामला मंडी चौकी इंचार्ज से जुड़ा है, जहां शुक्रवार को एक स्थानीय पत्रकार को महिला थाने के पास रास्ते में रोककर बेवजह गाड़ी की फोटो खींची गई और आधार कार्ड की मांग करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।

पीड़ित पत्रकार का कहना है कि वह रोज़ाना की तरह अपने कार्य से लौट रहे थे, तभी चौकी इंचार्ज ने उन्हें रोककर धमकाया और कहा कि "तुम्हारा वीडियो मेरे पास है।" जब पत्रकार द्वारा वीडियो दिखाने की मांग की गई, तो कोई साक्ष्य नहीं दिखाया गया, उल्टा अमर्यादित व्यवहार किया गया। यह पूरा मामला इस ओर इशारा करता है कि कहीं न कहीं पत्रकारों द्वारा लगातार उजागर किए जा रहे मंडी क्षेत्र के भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों से कुछ लोग असहज हो चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि पीड़ित पत्रकार द्वारा मंडी क्षेत्र में चोरी, अवैध वसूली और अन्य संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ लगातार खबरें प्रकाशित की जा रही थीं। यही वजह बताई जा रही है कि निजी रंजिश के चलते यह बदसलूकी की गई।

सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी और एसपी को इस मामले की जानकारी दे दी गई है और उच्च स्तर पर इस पर संज्ञान लेने की मांग की गई है।

तेज रफ्तार का कहर, सड़क हादसे में वरिष्ठ पत्रकार अरशद जमाल गंभीर रूप से घायल

प्राइम भारत न्यूज रिपोर्ट_ मो अहमद बाराबंकी। जनपद के वरिष्ठ पत्रकार व राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष एवं समय न्यूज़ से ...